लोकसभा
चुनावों मे कई जगहों पर तो कॉंग्रेस का खाता ही नहीं खुला ,बीजेपी ने कई राज्यों मे पूरा मैदान मार लिया , इसके
पीछे कई "बुद्धिजीवी" कहते हैं की ये सिर्फ कॉंग्रेस विरोधी लहर का
प्रभाव था जिसके कारण भाजपा को इतनी बड़ी संख्या मे जनाधार मिला लेकिन ये बताना भूल
जाते हैं इसके पीछे भाजपा कार्यकर्ताओं और राष्ट्रभक्तों की दिन रात की मेहनत थी ,साथ ही जनता भी कॉंग्रेस की समाज विरोधी नीतियों से त्रस्त थी और उसके बाद
एक हीरो निकला जो पिछले 12 सालों से मानसिक और सामाजिक रूप
से प्रताड़ित किया जा रहा था जिसका नाम था नरेंद्र मोदी
पीएम
मोदी ने कई वर्षों तक मीडिया के पक्षपात को सहन किया और कई मोर्चों पर "वन
मैन आर्मी" बनते हुए मीडिया के और "बुद्धूजीवी" वर्ग को ठोस जवाब
भी दिया कई बुजुर्ग तो ये भी कहते हैं की जनता के हृदय मे मोदी के प्रति उतना आदर
है जितना लाल बहादुर शास्त्री के प्रति भी कभी हुआ करता था शायद इसी का परिणाम है
की जिस तरह लाल बहादुर शास्त्री जी ने कहा की एक दिन के लिए उपवास करना शुरू कर
दीजिये तो पूरे देश के लोगों ने उपवास करना शुरू कर दिया था उसी तरह जब पीएम मोदी
ने अपनी चुनावी रैलियों मे कहा की बीजेपी और उसके सहयोगी पार्टियों को ही अपना वोट
दें तब जनता ने भी अपना खुल कर आशीर्वाद दिया और सहयोगी दलों की भी नैया पार लग गयी
इस
सब के पीछे पर्दे के पीछे काम करने वाले संघ के स्वयंसेवक और मोदी के समर्थक भी थे
अब जल्द ही महाराष्ट्र मे भी चुनाव आ रहे हैं , यहाँ की जनता
खुले तौर पर भाजपा के प्रतिनिधि को ही मुख्यमंत्री के रूप मे देख रही है , साफ छवि के देवेन्द्र फड़णवीस संगठन के हर क्षेत्र के कार्यकर्ता से जुड़े
हुए हैं , जनता के बीच भी खास तौर पर लोकप्रिय हैं , अपने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के कार्यकाल के बीच उन्होने अपने कौशल का
प्रदर्शन अच्छे से किया है। कई मोर्चों पर एनसीपी और कॉंग्रेस के षडयंत्रों और
योजनाओं को ध्वस्त किया है जो योजनाएँ उन्होने बीजेपी और गठबंधन को नुकसान
पहुंचाने के लिए बनाई थीं वो उल्टा उनके लिए ही चल पड़ी हैं ! कॉंग्रेस और एनसीपी
के कई नेताओं ने प्रयत्न किए की बीजेपी को तोड़ा जाए लेकिन ये प्रदेशाध्यक्ष
देवेन्द्र की कुशल रणनीति थी की एनसीपी कॉंग्रेस का ही कुनबा छोड़ा होता चला गया ,
कई नेताओं ने चुनाव के समय बीजेपी मे प्रवेश किया ।
पर्दे
के पीछे रह कर काम करने वाले देवेन्द्र अपने ज्ञान और अपनी नेतृत्व की क्षमता के
लिए प्रसिद्ध हैं , राज्य मे कॉंग्रेस-एनसीपी के घोटालों पर खुल कर
मोर्चा खोलते हैं साथ ही साथ बीजेपी के कार्यकर्ताओं का भी उत्साहवर्धन करने मे
आगे रहते हैं । विरोधियों के लिए उग्र रहने वाले देवेन्द्र फड़णवीस कार्यकर्ताओं के
लिए बहुत उदार भी हैं उदाहरण के लिए ऐसे कई मौके भी आए जब संगठन के कार्यकर्ताओं
की सहायता के लिए प्रदेशाध्यक्ष देवेन्द्र खड़े रहे ।
जैसे
देश की जनता को 10 साल के बाद एक हीरो दिखा था उसी तरह महाराष्ट्र
की जनता को भी एक नया उभरता हुआ चेहरा दिख रहा है जिसका नाम है
"देवेन्द्र" शायद यही कारण है की हर तरह के सर्वे मे मुख्यमंत्री पद के
लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार देवेन्द्र फडणवीस ही दिख रहे हैं अभी कुछ दिनों पहले
कई मराठी मीडिया चैनलों ने सर्वे किए की प्रदेश मे मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे
लोकप्रिय दावेदार कौन है , हर सर्वे मे देवेन्द्र जी ने उल्लेखनीय स्थान पाया और कई सर्वे मे तो दूसरे नेताओं से सैकड़ों वोट आगे निकल गए । हर सर्वे से सिद्ध हुआ की भाजपा ही आने वाले चुनावों मे सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभर रही है और देवेन्द्र भाजपा के बैनर तले सबसे लोकप्रिय नेता के रूप मे छाए हुए हैं । .jpg)
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इन
सब सर्वे को ठीक से अध्ययन करने के बाद तो प्रतीत होता है की जनता ने ठान लिया है
की "दिल्ली मे नरेंद्र,महाराष्ट्र
मे देवेन्द्र "

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